E20 पेट्रोल सिर्फ एक 'प्रयोग' है या सोची समझा कानून बनाया है इसको चलने के लिए
नमस्कार दोस्तों मैं नानग्राम सैनी आज में खबर एक बेहतरीन टॉपिक पर लाया हु जिसे लोगों के मन में डर बेटा हुआ है और सोशल मिडिया पर फालतू की खबरों से लोग सोच रहे हैं कि कही हमारा नुकसान नहीं हो जाए तो इस टॉपिक पर में आपको पूरी तरह बताऊं कि आपको क्या करना है या आपका नुकसान कैसे बचेगा और सरकार क्यों ला रही है और सुप्रीम कोर्ट ने इसको लेकर क्या कहा तो चलिए इसको डेटेल समझते हैं
1 . सरकार क्यों ला रही हैं।
सरकार ने पर्यावरण बचाने के लिए E20 का प्रयोग कर रही हैं और भारत 85% तेल बाहर से इंपोर्ट करती हैं इसे विदेशी मुद्रा तेजी से बढ़ रही हैं और इंडियन रूपेश नहीं बढ़ रहा हैं क्योंकि बाहर से हम आयात करते है तो विदेशी मुद्रा का ज्यादा प्रयोग होता हैं इसलिए सरकार ये नियम लागू किए है कि E20 पेट्रोल में मिलाया जाए और देखा जाए तो लग भग सभी देशों में जो बाहर से इंपोर्ट करते हैं तेल वो सभी 10% मिलाते हैं लेकिन भारत में इसे 20% मिला रहे हैं क्योंकि भारत में इसकी कफ़त बहुत ज्यादा होती हैं इस वजह से मिला रही हैं शायद।
2 . सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने क्या कहा
° कोई प्रयोग नहीं चल रहा: केंद्र सरकार ने साफ किया है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कभी यह नहीं कहा कि E20 कार्यक्रम प्रयोग में चल रहा हैं या इसके प्रभाव अगले साल सामने आएंगे। ऐसी खबरें कोर्ट में दी गई वास्तविक दलीलों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही हैं ये सब सोशल मीडिया पर हो रही हैं
° क्या है असली विवाद? दरअसल, यह पूरा मामला (BPCL) सहित अन्य तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) की एथेनॉल आवंटन से जुड़ी एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) से संबंधित है। यह मामला गाड़ियों की सेफ्टी से नहीं, बल्कि एथेनॉल सप्लाई और उसके कानूनी नियमों से जुड़ा है
° मामलों को ट्रांसफर करने की मांग: सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि समर्पित एथेनॉल संयंत्रों (Ethanol Plants) के आवंटन से जुड़े ऐसे ही कई मिलते-जुलते मामले अलग-अलग राज्यों के हाई कोर्ट में लंबित हैं। इन सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की याचिकाएं दाखिल की जा रही हैं, ताकि अलग-अलग कोर्ट से विरोधाभासी (Contradictory) फैसले न आएं और एक साथ सुनवाई हो सके।
3 . आखिर क्या होता है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल का सीधा सा मतलब है— 80% नॉर्मल पेट्रोल और 20% एथेनॉल का मिश्रण (Blend)। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने के रस, मक्के या खराब अनाज से बनाया जाता है, जिसे बायोफ्यूल (Biofuel) भी कहते हैं। भारत सरकार ने लक्ष्य रखा है कि पूरे देश में जल्द से जल्द 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग वाले पेट्रोल की सप्लाई सुनिश्चित की जाए ताकि पर्यावरण में प्रदूषण कम हो और देश का पैसा बचे और किसानों को पायदा मिल मिल सके ताकि वे खेती में तरक्की कर सके और ये गन्ने के रस और खराब गेहूं से तैयार होता है जिसे किसानों को पायदा सही मिल सके और किसान भी एक तरक्की की तरफ आगे बढ़ेंगे
क्योंकि अगर सरकार ही संसाधन ऐसे ही लाए जो किसानों को पायदा हो जिसे किसान आराम से जिंदगी जी सके तो किसानों के लिए ये पायदा मंद है ही क्योंकि ये पूरी तरह फसल से तैयार E20 हैं
4. गाड़ी मालिकों के लिए यह जानना क्यों जरूरी है?
गाड़ी मालिकों के लिए यह जानना क्यों जरूरी है?
जब भी ऐसी खबरें आती हैं कि "E20 एक प्रयोग है", तो आम जनता घबरा जाती है क्योंकि पुरानी गाड़ियों के इंजन 20% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल के लिए पूरी तरह अनुकूल (Compatible) नहीं होते। अधिक एथेनॉल से पुरानी गाड़ियों के रबर पार्ट्स और इंजन में खराबी आने का डर रहता है।
लेकिन सरकार और अटॉर्नी जनरल के इस ताजा स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि E20 नीति पूरी तरह से सोची-समझी और लागू की जा चुकी योजना है, न कि कोई ट्रायल या एक्सपेरिमेंट। आजकल बाजार में आने वाली लगभग सभी नई गाड़ियां 'E20 इंजन के साथ ही आ रही हैं। ये ओनली पुरानी गाड़ी के लिए ही नुक्सान दही हैं न्यू गाड़ी मालिकों के लिए तो नहीं है ये उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा ये
निष्कर्ष
आज कल लोग जुटी अपवाह फैलाकर लोगों को गुमराह करते हैं और लोग डिप्रेशन में ज्यादा जाते हैं क्योंकि जो लोग उनकी जिन्दगी में पहली बार गाड़ी लाते हैं तो वो यही सोच सोच कर कि अब क्या होगा और ऊपर से किस्तों का बोझ अलग से और बीच बीच में ये नुकसान अलग तो ये बात साफ हो गई कि कि मीडिया में आईं रिपोर्ट्स पूरी तरह से भ्रामक थीं।देश के अटॉर्नी जनरल के बयान ने यह साफ कर दिया है कि E20 ईंधन कार्यक्रम पूरी तरह से सुरक्षित और वैध है। इसलिए अपनी गाड़ी में पेट्रोल डलवाते समय किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और ऐसी फालतू खबरों देखने के बाद एक बार सरकार की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर जरूर देके।
एथेनॉल ब्लेंडिंग और E20 पेट्रोल कार्यक्रम की अधिक आधिकारिक जानकारी के लिए आप भारत सरकार की पेट्रोलियम मंत्रालय की वेबसाइट पर जा सकते हैं।"
वेबसाइट का लिंक [https://mopng.gov.inClick ]
pib.gov.inClick



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