FSSAI का सर्टिफिकेट है, पर फील्ड में जाने का हक नहीं; फिर भी सिस्टम के आगे बेबस हमारे फूड सेफ्टी ऑफिसर! | Rajasthan FSO News

 नमस्कार दोस्तों आज में ऐसी खबर लेकर आया हु जो अक्षर यूवाओ के साथ होती रहती हैं ओर इनका भविष्य खराब करते रहते है तो चलिए इस पूरी खबर की जानकारी बताते है हम जो खाना बाहर काते हैं या घर पर ऑनलाइन मंगवाते है तो उनको चेक करने के लिए एक फूड सेफ्टी डिपार्मेंट बनाया गया है लेकिन अब इस डिपार्मेंट को भी अपना हक लड़ना पड़ रहा है  

Rajasthan RPSC FSO Posting Controversy News.

आजादी के बाद पहली बार नियमित रूप से चुने गए 225 फूड सेफ्टी ऑफिसर्स आज ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भी दर-दर भटकने को मजबूर हैं क्योंकि उनको सिस्टम के आगे लड़ना पड़ रहा है 

1 . मुख्य समस्या आखिर क्या है मामला 


सर्टिफिकेट है, पर अधिकार नहीं: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षा पास करके आए इन 225 नियमित FSOs ने अपनी 40 दिनों की इंडक्शन ट्रेनिंग भी पूरी कर ली है। इनके पास FSSAI का सर्टिफिकेट भी है, लेकिन चिकित्सा विभाग के अधिकारी इनकी 'फील्ड पोस्टिंग' का नोटिफिकेशन जारी नहीं कर रहे हैं और अपनी मनमानी कर रही हैं ऐसे देखते हुए तो आगे भी कभी भर्ती निकली तो और यूवाओ का भविष्य खराब होगा उनकी मेहनत भी बेकार जाएगी ऐसे में तो फिर क्यों करे इतनी मेहनत।


7 महीने से बिना वेतन (Salary): ये युवा पिछले 7 महीनों से बिना सैलरी के गुजारा कर रहे हैं। परीक्षा पास करने की खुशी अब आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव में बदल चुकी है जिसे यूवाओ में सरकार की लापरवाही पर सीधा निशाना जाता हैं क्या इन यूवाओ को इंसाफ मिलेगा कभी ।


डेपुटेशन का खेल: नियम यह कहता है कि जब नियमित भर्ती से FSO आ जाएं, तो प्रतिनियुक्ति पर चल रहे लोगों को हटा देना चाहिए। लेकिन विभाग के अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर डेपुटेशन वालों पर मेहरबानी बरसा रहे हैं और उनका कोटा पूरा कर रहे हैं ऐसे में तो न्यू यूवाओ को कभी मौका ही नहीं मिलेगा और बेरोजगारी बढ़ती जाएगी विभाग के अधिकारियों की मंशा पर सवाल 

2 . विभाग के अधिकारियों की मंशा पर सवाल

पोर्टल का खेल: सूत्रों के मुताबिक, विभाग खाली पदों को भरा हुआ दिखाने के लिए पोर्टल में बदलाव की तैयारी कर रहा है, ताकि इन नियमित FSOs के सामने विकल्प ही कम बचें और ऐसे 

नियमों का उल्लंघन: डेपुटेशन के आदेश में साफ लिखा था कि नियमित FSO के आते ही या एक साल की अवधि (जो भी पहले हो) में इन्हें हटा दिया जाएगा। फिर भी अधिकारी अपने ही आदेशों का उल्लंघन क्यों कर रहे हैं?

3 . बेरोजगार यूनियन की मांग और निष्कर्ष 

राजस्थान बेरोजगार यूनियन के अध्यक्ष हनुमान किसान का कहना है कि सरकार को तुरंत इन अफसरों की फील्ड पोस्टिंग करनी चाहिए, इनका रुका हुआ वेतन देना चाहिए और लापरवाही करने वाले अफसरों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

निष्कर्ष:

यह सिर्फ 225 युवाओं की नौकरी का सवाल नहीं है, बल्कि राजस्थान की जनता की सेहत और 'शुद्ध के लिए युद्ध' जैसे अभियानों की साख का भी सवाल है। जब योग्य और परीक्षा पास करके आए अधिकारी फील्ड में नहीं होंगे, तो मिलावटखोरों के हौसले तो बुलंद होंगे ही। सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और इन यूवाओ को वेतन और नौकरी का मौका देना चाहिए ताकि किसी के सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं हो मेरी यही राही है 

अगर आप भी  इस फील्ड की तैयारी कर रहे हैं तो कृपया एक बार इसकी पूरी जानकारी लेले और लिंक पर क्लिक करे fssai.gov.inClick

आपकी क्या रही है कमेंट में जरूर बताएं 

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