नमस्कार दोस्तों आज के दौर में कही यूवाओ को नौकरी पाना बहुत मुश्किल हो गया है कही लोगों को लगता है कि नौकरी तो एक रिज्यूम से ही मिल जाती हैं लेकिन ऐसा नहीं अब समय के साथ साथ कंपनियां भी अपने सिस्टम चेंज कर रही हैं इसलिए आज के समय रिज्यूम ही काफी नहीं है नौकरी के लिए आपको अब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से भी ज्यादा मुश्किल हो गया है। इसी वजह से बहुत से लोगों को सही जानकारी नहीं होने की वजह से नौकरी नहीं मिलती तो चलिए इसको विस्तार से समझाते हैं।
1. रिज्यूम और पोर्टफोलियो में क्या अन्तर हैं
आज के ( Ai ) जैसे फिचर आने से कही कंपनियों में दिन प्रति दिन कही आवेदन आते है जिसे कंपनियां भी परेशान रहती हैं क्योंकि ( Ai) से बहू से लोग रिज्यूम बनवा लेते है और दिन में एक ही रिजूम कही कंपनियों में भेज देते है जिसे कंपनियां में दिक्कत आती हैं इसलिया पिछले 6 महीने में 1.8 आवेदन आ चुके हैं लेकिन सिर्फ 132 लोगों को ही नौकरी मिली यह चयन दर महज 0.07% है। तुलना के लिए, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में चयन दर करीब 3-4% होती है।
तो इसी स्थिति में कंपनी को यह तह करना मुश्किल हो जाता हैं कि इतने लोगों में से सही उमीदवार कौन है इसी को देखते हुए अब रिज्यूमे ही काफी नहीं है अब नौकरी पाने के लिए पोर्टफोलियो भी जरूरी है
2. नौकरी पाने का नया फॉर्मूला (50-30-20)
अगर आपको नौकरी पाना है तो आप जिस फील्ड में जाना चाहते हैं तो उस फील्ड की जानकारी होना जरूरी है
1. 50% स्किल (Skills)
आपका सबसे बड़ा हथियार आपकी स्किल होना भी जरुर है जिस जॉब के लिए अप्लाई कर रहे हैं उसके लिए आपको उसकी तकनीकी और व्यावहारिक पकड़ मजबूत होनी चाहिए। और वर्तमान मे (AI)
जैसे सिस्टम होने की वजह से ये स्किल बहुत जरूरी होती जहां रही है
2. 30% पोर्टफोलियो (Portfolio)
यह सेंक्शन आपके करियर की नींव है सिर्फ ये लिखने से नौकरी नहीं मिलेगी कि आपको क्या आता हैं इसके लिए आपको उस काम को साबित भी करना पड़ेगा।
° प्रोजेक्ट्स :- अगर आपने कोई वेबसाइट या ऐप बनाए है तो उसके उदाहरण और उसे जुड़े कोड जोड़े
° रिसर्च: यदि आप किसी रिसर्च रोल के लिए जा रहे हैं, तो अपने काम के सैम्पल्स जोड़ें। और उने बताते कि यह काम ऐसा होगा
° लिंक्स: अपने रेज्यूमे में पोर्टफोलियो का लिंक अवश्य दें ताकि रिक्रूटर आपके काम को लाइव देख सके।
3. 20% नेटवर्किंग (Networking)
आज के समय जानकारी का होना बहुत जरूरी आप जिस कंपनी में जहां रहे हो उस कंपनी में आपकी जानकारी होना बहुत जरूरी हो गया है ताकि आपको आसानी से जॉब मिल मिल सके।
4. रिज्यूम को ऐसे (ATS) फ्रेंडली बनाए।
ज्यादातर बड़ी कंपनियां अब एआई-आधारित 'एप्लीकेंट ट्रैकिंग सिस्टम' (ATS) का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे बचने और सफलता पाने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स अपनाएं:
कस्टमाइज्ड रेज्यूमे: हर कंपनी और हर पद के लिए एक ही रेज्यूमे न भेजें। जॉब डिस्क्रिप्शन (JD) में दिए गए कीवर्ड्स का इस्तेमाल अपने रेज्यूमे में जरूर करें।
साफ और सरल फॉर्मेट: फैंसी डिजाइन से बचें। एक क्लीन, प्रोफेशनल और पठनीय फॉर्मेट ही चुनें।
उपलब्धियां लिखें: रेज्यूमे में सिर्फ अपनी जिम्मेदारियां (Responsibilities) न लिखें, बल्कि यह भी बताएं कि आपने अपने काम से कंपनी को क्या योगदान दिया।
कवर लेटर: चैटजीपीटी या एआई से बना कॉपी-पेस्ट कवर लेटर भेजने से बचें। अपनी बात को व्यक्तिगत रखें और बताएं कि आप उस कंपनी के साथ ही क्यों काम करना चाहते हैं।
5. करियर को नई ऊंचाई देने के लिए ये 3 काम आज ही करें
अगर आप करियर की शुरुआत में हैं या स्विच करना चाहते हैं, तो इन तीन चीजों पर फोकस करें:
कम से कम 3-5 अच्छे प्रोजेक्ट्स बनाएं: प्रोजेक्ट्स ही इंटरव्यू में आपकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं।
इंटर्नशिप का अनुभव लें: चाहे छोटी कंपनी हो या स्टार्टअप, इंटर्नशिप आपके प्रोफाइल को वजन देती है।
ATS फ्रेंडली फॉर्मेट: हमेशा अपने व्यक्तिगत अनुभव और स्किल्स को हाईलाइट करें और एक ऐसा फॉर्मेट रखें जिसे सॉफ्टवेयर आसानी से पढ़ सके।
निष्कर्ष
आज के समय में जॉब पाने के लिए आपको बहुत प्रतिस्पर्धात्मक है, होना पड़ेगा अगर आप अपने रेज्यूमे को पोर्टफोलियो के साथ जोड़ते हैं और एआई के दौर में स्मार्ट तरीके से नेटवर्किंग करते हैं, तो आपका चयन होना निश्चित है। याद रखिए, रिक्रूटर केवल यह नहीं देखना चाहते कि आपने क्या पढ़ा है, वे देखना चाहते हैं कि आप क्या कर सकते हैं।
तो, आज से ही अपना पोर्टफोलियो अपडेट करना शुरू करें और अपनी स्किल को नई पहचान दें
डिस्क्लेमर ( disclaimer)
यह लेख वर्तमान जॉब मार्केट के ट्रेंड्स और करियर विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। अपने करियर से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए इंडस्ट्री की लेटेस्ट रिपोर्ट्स को पढ़ते रहें।
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